Cure insuline resistance Cure Diabetes
Diabetes पर मैंने हिंदी अंग्रेजी में काफी लेख पढ़े वे सब मुझसे अच्छी जानकारी देने वाले हैं फिर मैंने ये सब लिखने की जहमत क्यों की ? ताकि आप मीटर में बढ़े शुगर आने से पहले ही पहचान लें कि आप जल्द डायबिटीज का शिकार होने वाले हैं और इससे बच सकें । शरीर में यह तय है कि रक्त में शुगर का लेवल 70-80 से नीचे नहीं जाने देना है और 120-140 से ऊपर नहीं जाने देना है । ये काम दो अलग अलग अंग (लीवर और पेनक्रियाज) करते हैं 70-80 से कम होते ही लीवर रक्त में ग्लूकोस डाल देता है और 120-140 से ऊपर होते ही पेनक्रियाज का इंसुलिन शुगर को रक्त में से निकाल कर कोशिकाओ में डाल देता है। कुल मिलाकर उन्हें ऊपर बताए लेवल बनाए रखने का प्रशिक्षण प्राप्त है ।
उम्र के साथ आने वाली बीमारियों का क्रम समझिए सबसे पहले शरीर इंसुलिन लेवल 70से 140 रखता है । जब यह लेवल्स नहीं रह पाते तो पेनक्रियाज इंसुलिन की मात्रा बढ़ा कर लेवल सही कर लेता है । आपके शरीर में इंसुलिन हार्मोन के स्त्राव की मात्रा बढ़ती है । जो काम आपका इंसुलिन 2 unit में कर सकता है अब वही काम 20 यूनिट में कर रहा है यानी यह 18 जो एक्स्ट्रा है वह विभिन्न प्रकार के उत्पात मचाता है जिसे हम बढ़ती उम्र का हवाला देकर टाल जाते हैं फिर जब पेनक्रियाज अपनी पूर्ण क्षमता का इंसुलिन use करता है फिर भी वह लेवल सही नहीं रख पाता है तो यह मीटर में आने लगती है उस दिन आप घोषित मधमेह रोगी हैं । तब इलाज शुरू होता है वो भी शुगर मैनजमेंट का यानी आपकी कोशिका व आपके अंगों को मजबूर किया जाएगा की वो लेवल्स मेंटेन रखें,आपसे और इंसुलिन निचोड़ा जाएगा लेवल्स और बढ़ाए जाएंगे,जिसके बहुत नुकसान है और दवा के कारण अपनी चरम सीमा तक इंसुलिन निचोङ कर भी जब इंसुलिन काम नहीं करेगा तो अब दवा की जगह इंसुलिन का इंजेक्शन देना शुरू किया जाएगा । शुरुआत में 2 से 8 unit दिया जाएगा मरीज अब सही फील करेगा लेकिन बाहर से मिल रहा इन्सुलिन भी अंदर से मिले इंसुलिन की तरह रेजिस्टेंट हो जाएगा तो डोज़ बढाना होगा ।ये बिल्कुल वैसा ही होगा कि किसी के शरीर में शराब की मात्रा ज्यादा है और उसे और शराब दी जाए उसके इलाज के नाम पर। बढ़ती उम्र में जो सबसे पहले शरीर में होने वाली घटना होती है इन्सुलिन रेजिस्टेंस । रेजिस्टेंस का अर्थ है कि उपलब्ध होना पर काम न करना । जिस प्रकार एक इंसान को एक गिलास wine नशा दे सकती है वहीं दूसरा आदमी 3 ग्लास पर भी नशे में नहीं है यह हुवा अल्कोहल रेजिस्टेंस । उसी प्रकार शरीर में जो काम 2 unit से होना है वह 20 unit से हो तो यह कहलाता है इंसुलिन रेजिस्टेंस ।
कब चाहिए यह जांच
आपकी उम्र 30 वर्ष से ऊपर है और आप बहुत जल्दी वजन gain करते हों खास कर कमर के इर्द गिर्द Sugar low feel करते हों, कुछ खाने पर आपको सही लगने लगे,बार-बार खाने की या चाय पीने की तलब,blood प्रेशर की समस्याएं,कोलोस्ट्रोल ट्राई ग्लिसराइड के levels में गड़बड़ी, शरीर में अकड़न जकड़न,स्किन से जुड़ी समस्याओं का बार बार होना,मस्से होना,गांठे होना,vericos vains या यूं कहें कि डायबिटीज के लक्षण होना मगर जाँच करने पर न आना तो आप fasting sugar जिसके लेवल perfect आ रहे हैं तो fasting sugar के साथ fasting insuline भी करवाए ।
क्या फायदा होगा
यदि समय रहते fasting insuline की जांच हो जाए और यह पता लग जाए की इस हार्मोन की मात्रा तय लेवल से ऊपर है तो आप insuline को फिर से काम करने लायक करने का उपाय करें जो कि संभव है यह fasting यानी उपवास,व्यायाम, डाइट तथा बार बार न खा कर पुनः ठीक हो सकता है और आप डायबिटीज से बच सकते हैं । इंंसुलिन रेजिस्टेंस सही हो सकता है जो कमोबेश हर बड़े रोग का पहला पड़ाव है । इंसुलिन रेसिस्टेंट सही करें यानि इंसुलिन को फिर से काम करना सिखााए डायबिटीज स्वतः सही होगी ।


Nice information
ReplyDeleteआपने सही कहा मेरा शुगर लेवल हमेशा सही आता है लेकिन थकावट बनी रहती है ।
ReplyDeleteTrial n tasted opinion 👍👍👌👌
ReplyDelete